
फतेहपुर: जनपद फतेहपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने पुलिस पर फर्जी मुकदमे में फंसाने, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देने और शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामला कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम चौफेरवा का है। पीड़ित मनोज कुमार पुत्र हेमराज के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को एक लावारिस शव मिलने के बाद गांव के ही रामसागर उर्फ कल्लू, सिपाही मंगल प्रसाद यादव (लखनऊ वायरलेस चौकी फतेहपुर) और सिपाही कुलदीप द्वारा उसे जबरन परेशान किया जाने लगा। आरोप है कि 4 जनवरी 2026 से लगातार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि उसका उस शव से कोई संबंध नहीं था।
पीड़ित का कहना है कि उसने 10 जनवरी से लेकर 10 मार्च 2026 तक कई बार उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया और रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, जो भी अधिकारी जांच के लिए आते हैं, वे कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित और उसके गवाहों को ही धमकाने लगते हैं।
इतना ही नहीं, पीड़ित का आरोप है कि उस पर और उसकी पत्नी व गवाहों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। 21 फरवरी 2026 को उसे पुलिस द्वारा न्यायालय भेज दिया गया, जबकि उस दिन वह बनारस में मौजूद था।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले तीन सालों से उसे और उसके परिवार को लगातार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ऑडियो-वीडियो सबूत और गवाह होने के बावजूद अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
पीड़ित ने सवाल उठाया है कि क्या किसी व्यक्ति की जान जाने के बाद ही उसकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी?
अंत में, मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






