फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में रविवार को शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 449वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केपी सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष केपी सिंह कछवाह ने मां सरस्वती की वंदना से किया। उन्होंने प्रस्तुत किया—
“सरस्वती मां प्रार्थना, मांग रहे वरदान।
राष्ट्र प्रेम सब में भरो, भारत बने महान।।”
इसके बाद उन्होंने सावन और भगवान शिव की भक्ति पर आधारित रचना प्रस्तुत करते हुए कहा—
“आशुतोष श्री शंभु का, सावन है प्रिय मास।
मनवांछित फल पाइए, कर जप-तप-उपवास।।”
डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने राधा-कृष्ण की भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की—
“यमुना किनारे, राधा पुकारे।
कहां हो कन्हैया, वंशी बजैया।”
डॉ. विजय शंकर मिश्र ने देशभक्ति से ओतप्रोत मुक्तक सुनाकर श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम का भाव जगाया। उन्होंने कहा कि भारत वीरों की पुण्य भूमि है और देश के लिए हर कष्ट सहने का संकल्प ही सच्ची देशभक्ति है।
डॉ. शिवसागर साहू ने सावन की बारिश और शिव भक्ति को जोड़ते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की—
“नभ से चल पावस की बूंदें, करतीं धरती का आलिंगन।
सावन में शिव का भक्ति भाव, भरता मानव-उर सुस्पंदन।।”
प्रदीप कुमार गौड़ ने भगवान शिव के औघड़ स्वरूप और उनकी उदारता पर काव्य पाठ किया। वहीं राम अवतार गुप्ता ने सावन मास में शिव आराधना का संदेश देते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने मुक्तक के माध्यम से शिव भक्ति और जीव-जगत के प्रति प्रेम का संदेश दिया—
“शंकर जी का रूप ही, यह समस्त संसार।
उनकी सच्ची भक्ति है, जीव-जगत से प्यार।।”
अंत में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल ने सभी कवियों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने सभी अतिथियों, कवियों और साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
Trending Now
फतेहपुर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 449वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी संपन्न
👁 24.1K views







