
फतेहपुर जिले की संगोलीपुर मौरम खदान एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यमुना नदी की जलधारा के बीच से अवैध खनन किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद खनिज विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही इस खदान पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद खदान संचालकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खदान में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यमुना नदी की जलधारा के भीतर मशीनों से खनन किया जा रहा है, जबकि खदान से निकलने वाले वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग भी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों की वजह से सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी खदान पर अवैध खनन और मानकों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में अवैध खनन करने वाली कई खदानों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था, लेकिन कार्रवाई के बावजूद हालात में ज्यादा बदलाव नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि अब खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो खदानों पर जांच टीम पहुंचने से पहले ही संचालकों तक सूचना पहुंच जाती है, जिससे मौके पर सबकुछ सामान्य दिखाने की तैयारी कर ली जाती है। यही कारण है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग का खेल लगातार जारी है। पांच-पांच साल के लिए हुए मौरम खदानों के पट्टों के बीच स्थानीय लोग अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि वायरल वीडियो और लगातार उठ रहे सवालों के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग संगोलीपुर मौरम खदान पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर अवैध खनन और ओवरलोडिंग का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।






