फतेहपुर। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद फतेहपुर का अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। चीफ फायर ऑफिसर जशवीर सिंह के निर्देश पर जिले में कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी गई है।
इसी क्रम में अग्निशमन अधिकारी द्वितीय दीपक कुमार ने सदर कोतवाली क्षेत्र के गुरुद्वारा गली, रेलवे स्टेशन रोड स्थित विद्या एकेडमी एवं लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कोचिंग का संचालन बेसमेंट में किया जा रहा था और वहां चार बैचों में कक्षाएं संचालित हो रही थीं।
निरीक्षण में सामने आया कि संस्थान में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं थी। पूरे भवन में आने-जाने के लिए केवल एक ही दरवाजा था, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा फायर सेफ्टी से संबंधित आवश्यक उपकरण भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
फायर विभाग ने कोचिंग संचालक आनंद मौर्य को नोटिस जारी करते हुए तत्काल सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह भी पता चला कि कोचिंग में 145 छात्रों का पंजीकरण है, जबकि निरीक्षण के समय करीब 80 छात्र लाइब्रेरी में अध्ययन करते मिले।
अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक संस्थान में अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण और व्यवस्थाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं, तब तक कोचिंग का संचालन बंद रखा जाएगा।
वहीं, फायर विभाग द्वारा पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को आग लगने की स्थिति में बचाव, राहत कार्य, शुरुआती आग पर नियंत्रण तथा फायर उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। विभाग का कहना है कि जिले में ऐसे निरीक्षण और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।







