: राजधानी लखनऊ में शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में नगर निगम के जोन-2 की प्रवर्तन टीम ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज चौराहे से कन्वेंशन सेंटर तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेले, खोमचे और अन्य अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। अभियान के दौरान कई दुकानदारों और ठेला संचालकों के चालान भी काटे गए तथा भविष्य में दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
सुबह से ही शुरू हुई कार्रवाई
नगर निगम की टीम निर्धारित समय पर पुलिस बल और संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। अभियान शुरू होते ही सड़क किनारे अवैध रूप से व्यवसाय कर रहे लोगों में हलचल मच गई। कई लोगों ने स्वयं ही अपने ठेले और सामान हटाना शुरू कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर नगर निगम की टीम को कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाना पड़ा। अधिकारियों ने सड़क और फुटपाथ पर फैले अवैध कब्जों को हटाकर मार्ग को पूरी तरह खाली कराया, जिससे आम नागरिकों और वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न रहे।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने पर जोर
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चौराहे से कन्वेंशन सेंटर तक का क्षेत्र राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेले और अस्थायी दुकानें अक्सर जाम का कारण बनती हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी इस मार्ग पर निकलने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया।
दुकानदारों और ठेला संचालकों के काटे गए चालान
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कई दुकानदारों और ठेला संचालकों के चालान भी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूर्व में कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ लोग दोबारा सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। ऐसे लोगों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की गई। साथ ही उन्हें भविष्य में सड़क पर अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई।
लोगों ने कार्रवाई का किया स्वागत
नगर निगम की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। क्षेत्र के कई नागरिकों ने कहा कि लंबे समय से सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी। फुटपाथ पर कब्जा होने से पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलना पड़ता था, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। लोगों का कहना है कि यदि नगर निगम इसी तरह नियमित अभियान चलाता रहा तो शहर की यातायात व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आएगा और नागरिकों को राहत मिलेगी।

स्थायी समाधान पर भी दिया जा रहा जोर
अधिकारियों ने बताया कि केवल अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानदारों और ठेला संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने व्यवसाय को निर्धारित स्थानों तक ही सीमित रखें और सार्वजनिक सड़क एवं फुटपाथ पर कब्जा न करें। नगर निगम का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही शहर को व्यवस्थित और सुंदर बनाया जा सकता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाएंगे। जिन स्थानों पर बार-बार अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं सड़क, फुटपाथ या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छ, सुंदर और सुगम यातायात व्यवस्था वाला शहर बनाने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। नगर निगम का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि राजधानी लखनऊ को व्यवस्थित, सुरक्षित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।






