फतेहपुर: जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के आंबापुर गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलसी आठ वर्षीय मासूम बच्ची का इलाज करने के नाम पर एक झोलाछाप डॉक्टर ने बिना किसी बेहोशी की दवा दिए कैंची से उसकी घायल उंगली काटकर अलग कर दी। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार से इलाज के नाम पर 25 हजार रुपये भी वसूल लिए गए।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद कथित डॉक्टर ने उसे किसी सक्षम अस्पताल में रेफर करने के बजाय खुद ही ऑपरेशन जैसा कदम उठा लिया। उंगली काटे जाने के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने शिकायत के बाद दोनों पक्षों के बीच इलाज कराने के नाम पर समझौता करा दिया। लेकिन घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिले में खुलेआम इलाज के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग कब शिकंजा कसेगा? क्या मासूम बच्ची की उंगली काटे जाने जैसी गंभीर घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे? या फिर इस मामले में दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी?
यह घटना एक बार फिर जिले में फल-फूल रहे अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी मासूमों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
Trending Now
फतेहपुर में झोलाछाप का खौफनाक खेल! बिना बेहोशी दिए मासूम की उंगली कैंची से काटी, स्वास्थ्य विभाग अब भी खामोश
👁 45.5K views







