प्रयागराज/फतेहपुर। प्रयागराज साइबर क्राइम थाना पुलिस ने यूआईडीएआई (UIDAI) पोर्टल में सेंध लगाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड परसमता शरण उर्फ विवेक, निवासी फतेहपुर, को उसके एक साथी लवकुश यादव के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह क्लोनिंग और बायपास तकनीक का इस्तेमाल कर यूआईडीएआई पोर्टल तक अवैध पहुंच बनाता था। इसके बाद देशभर में फैले ऑपरेटरों को लॉगिन आईडी उपलब्ध कराई जाती थी, जिनके जरिए फर्जी आधार कार्ड तैयार करने और आधार अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जाती थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह रोजाना करीब 3 हजार फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था। एक फर्जी आधार बनाने के बदले 250 से 300 रुपये और लॉगिन आईडी सक्रिय कराने के लिए 5 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। गिरोह जनवरी 2026 से इस अवैध कारोबार में सक्रिय बताया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि फतेहपुर निवासी आरोपी इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जबकि उसका साथी प्रतापगढ़ क्षेत्र में साइबर कैफे संचालित कर आधार अपडेट और संबंधित कार्य करता था। गिरोह से जुड़े कई अन्य ऑपरेटरों और सहयोगियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन, तीन एंड्रॉयड मोबाइल, तीन लैपटॉप, कीबोर्ड, पांच हार्ड डिस्क, तीन एसएसडी, फिंगर स्कैनर, 19 पेन ड्राइव, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर गिरोह के नेटवर्क और अवैध लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क के जरिए देशभर में कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए और इससे कितने करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।
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फतेहपुर का मास्टरमाइंड निकला फर्जी आधार कार्ड गिरोह का सरगना, प्रयागराज साइबर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
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