फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 452 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां, वंदना, धर चरणों में शीश।
भाषा – अक्षर ज्ञान का, दीजै शुभ आशीष ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- सभी सुहागिन पूजतीं, गौरी – शिव भगवान ।
पातीं कजली तीज में, मनवांछित वरदान।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – सतगुरु की सेवा किए, ज्ञान -कपाट खुलंत ।
राम भजन निशिदिन करत, मोह- पास को अंत।।
डॉ वेद नारायण वाजपेई ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया – लघु उद्योगों की ताकत से , अब हर घर मुस्कायेगा।
अपने भारत का विकास- रथ, आगे बढ़ता जाएगा।।
डॉ शिवसागर साहू ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – जीव- जगत- जगदीश की, महिमा अमित -अपार ।
जो प्राणी प्रभु को भजे, खुले मोक्ष का द्वार।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – नशावृत्ति को छोड़ो , भावी पीढ़ी हमें बचाना है।
भारत विकसित राष्ट्र बने, सबमें संकल्प जगाना है।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक तथा संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने काव्य के माध्यम से अपने भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये- ग्लोबल वार्मिंग के प्रकोप से, सारी दुनिया है संत्रस्त।
आज घटित नेपाल त्रासदी, कल फिर होगा कोई ध्वस्त।।
छेड़छाड़ मत करो प्रकृति से, वरना होगा महाविनाश।
ऐसा भी विकास क्या करना, हो जिससे सब सत्यानाश।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।







