फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 442वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार के.पी. सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष के.पी. सिंह कछवाह द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। उन्होंने कहा—
“सरस्वती मां, आइए, श्वेत हंस आरूढ़।
ज्ञान ज्योति जग में भरो, रहे न कोई मूढ़।।“
इसके बाद उन्होंने योग के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“जीवन में अपनाइये, पातंजलि का योग।
अंतःकरण पवित्र हो, काया बने निरोग।।“
काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भावना को अपनी रचनाओं में समाहित करते हुए योग, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन शैली का संदेश दिया।
डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने कहा—
“योग दिवस पर सभी जन, करें योग स्वीकार।
रहें निरोगी-स्वस्थ सब, हो प्रसन्न परिवार।।“
राम अवतार गुप्ता ने अपने मुक्तक में कहा—
“आओ मिलकर योग करें हम, जीवन सफल बनाएं।
सब रोगों को दूर भगाकर, गीत खुशी के गाएं।।“
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने काव्य पाठ में कहा—
“पतंजलि ऋषि विज्ञानी ने, जग को दिया योग उपहार।
दुनिया वाले रहें निरोगी, हो भारत की जय-जयकार।।“
डॉ. शिव सागर साहू ने योग और सदाचार का संदेश देते हुए कहा—
“अगर निरोगी तन रखना तो, करो योग का पालन।
सदाचरण द्वारा जीवन का, करो सुदृढ़ संचालन।।“
कार्यक्रम के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने मुक्तक में कहा—
“नियमित योगाभ्यास से, काया रहे निरोग।
स्वस्थ-सबल जीवन जिएं, भोगें सब सुख भोग।।“
गोष्ठी के अंत में मुख्य अतिथि पुजारी विजय कुमार शुक्ल ने सभी साहित्यकारों को आशीर्वाद प्रदान किया। अंत में आयोजक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने सभी अतिथियों, कवियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।






