अनीश रघुवंशी -फतेहपुर | किशनपुर थाना क्षेत्र के मडौली ग्राम पंचायत के आबादी के बीच में बने आठ बीघा के तालाब में 33 लोगों ने कब्जा बनाकर घर बना लिया था। जिसमें 3 साल पहले हाइकोर्ट ने तालाब की जमीन को खाली करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक तालाब की जमीन कब्जामुक्त नहीं की गई। जिसके बाद पीड़ित ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो तहसील की टीम फिर कार्रवाई के लिए नाप जोक में जुट गई है।
मडौली के भ्योखर गांव में बने 8 बीघे के तालाब में चारों तरफ से लगभग 33 लोगों ने घर बनाकर कब्जा कर लिया था। मौजूदा हालात में लगभग दो बीघा का तालाब बचा है। जिसमें 3 साल पहले शिकायत के बाद तहसील न्यायालय ने बेदखली का आदेश दिया था। परंतु 3 साल बीतने के बाद भी जिम्मेदारों ने जुर्माना राशि तो वसूल कर ली परंतु कब्जा मुक्त नहीं कराया था। कब्जामुक्त न होने पर शिकायत कर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो हाई कोर्ट ने जिम्मेदारों से बेदखली आदेश के बाद कब्जामुक्त न कराए जाने का कारण पूछा है। जिसके बाद शुक्रवार नायब तहसीलदार अरविंद कुमार ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तालाबी जमीन में बने सभी घरों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में भेजने की तैयारी कर ली है। वहीं शुक्रवार हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता ने बताया आज न्यायालय द्वारा सभी 33 कब्जदारों को नोटिस जारी कर तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे मामले में खागा एसडीएम अभिनीत कुमार ने बताया तालाब कब्जा के मामले में वैधानिक प्रक्रिया चल रही है उचित कार्यवाही होगी।
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