इस बार सिख धर्म के दसवें गुरु , गुरु गोविंद सिंह का जन्म दिवस 27 दिसंबर 2025 को सुनिश्चित किया गया है। इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना में हुआ था ।
इनकी माता गुजरी देवी एवं पिता सिख धर्म के नवम गुरु , गुरु तेग बहादुर सिंह थे। उनकी मृत्यु के बाद 11 नवंबर 1675 में यह सिख धर्म के दसवें गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हुए। इन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। इनका सारा जीवन मुगलों के अत्याचार तथा सत्य और न्याय के लिये अटूट संघर्ष की गाथा है। इनके चार पुत्रों में जुझार सिंह और अजीत सिंह सरहिंद के नवाब वजीर खान के साथ युद्ध करते हुए चमकौर की लड़ाई में शहीद हुए तथा वजीर खान ने ही इनके दोनों छोटे बेटों फतेह सिंह और जोरावर सिंह को जिंदा दीवाल में चिनवा दिया । यह स्वयं भी उसके ही एक घातक खड्यंत्र से 7 अक्टूबर 1708 में नांदेड़ में शहीद हुए और अपने बाद गुरु ग्रंथ साहब को सिख धर्म के अंतिम गुरु के रूप में घोषित किया ।
इनका यह नारा आज भी प्रसिद्ध है- ” सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुडा़ऊं, तब गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊं ।” इन्हें कृतज्ञ भारत का शत-शत नमन।
“जय हो गुरु गोविंद सिंह से, अमर वीर वलिदानी की।
देश – धर्म पर निज बेटों की, भी जिसने कुर्बानी दी।।”
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गुरु गोविंद सिंह जयंतीलेखक : शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी
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