फतेहपुर। सदर नगर पालिका परिषद के अफसरों की कथित मेहरबानी से दो संविदा कर्मियों के वर्षों से घर बैठे वेतन लेने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता राहुल ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने के साथ ही दोषी पाए जाने पर अब तक दिए गए वेतन की रिकवरी कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता राहुल का आरोप है कि नगर पालिका में कार्यरत एक ठेकेदार के मुंशी ओमप्रकाश ने अपने दो बेटों पीयूष और आयुष को संविदा कर्मचारी के तौर पर नगर पालिका में लगवा रखा है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी करने के बजाय लंबे समय से घर पर रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से उन्हें लगातार वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों की हाजिरी रजिस्टर में नियमित रूप से हस्ताक्षर दर्ज हो जाते हैं। जबकि शिकायतकर्ता के मुताबिक इनमें से एक बेटा सदर तहसील में बैनामा लेखक के रूप में काम करता है। आरोपों के समर्थन में शिकायतकर्ता ने तहसील में काम करते समय की तीन अलग-अलग दिनों की तस्वीरें भी शिकायत के साथ उपलब्ध कराई हैं।
शिकायत पर जिला प्रशासन गंभीर, नगर पालिका से मांगी जांच आख्या
मामला सामने आने के बाद अब जिला प्रशासन भी शिकायत को गंभीरता से ले रहा है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर नगर पालिका प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जांच आख्या मांगी गई है।
सूत्रों का दावा है कि देर शाम उच्चाधिकारियों की ओर से नगर पालिका प्रशासन को दोनों आउटसोर्स कर्मियों को हटाने के साथ ही अनियमित तरीके से वेतन भुगतान की स्थिति में रिकवरी की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि, इन निर्देशों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच आख्या सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शिकायतकर्ता राहुल ने हाजिरी रजिस्टर, संबंधित अभिलेख और वेतन भुगतान रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। प्रशासन की जांच और नगर पालिका की प्रस्तावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







