फतेहपुर। जिले के औंग थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह के दौरान उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब जयमाल की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन के फैसले के बाद विवाह समारोह में अफरा-तफरी मच गई और रातभर चली पंचायत के बावजूद शादी नहीं हो सकी। आखिरकार बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
जानकारी के अनुसार, दूल्हा पक्ष निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारात लेकर पहुंचा था। स्वागत के बाद जयमाल की रस्म भी संपन्न हो गई, लेकिन इसके बाद ग्रेजुएट युवती ने विवाह करने से मना कर दिया। कन्या पक्ष का आरोप है कि दहेज को लेकर अप्रत्यक्ष दबाव और वर पक्ष के कुछ लोगों के व्यवहार से युवती मानसिक रूप से आहत हो गई, जिसके चलते उसने यह निर्णय लिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि शादी से पहले दूल्हे के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से 6 लाख 50 हजार रुपये भेजे गए थे। इसके बावजूद माहौल सामान्य नहीं हो सका और विवाद बढ़ता गया। मामला गंभीर होने पर दोनों पक्षों के रिश्तेदार और गांव के संभ्रांत लोग पंचायत में जुटे। देर रात तक चली बातचीत के बाद भी शादी नहीं हो सकी।
हालांकि, पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता कराया गया। समझौते के अनुसार, वर पक्ष द्वारा कन्या पक्ष को 6 लाख 50 हजार रुपये वापस किए जाएंगे। इसके अलावा विवाह की तैयारियों में हुए खर्च के रूप में 1 लाख 25 हजार रुपये लौटाने पर भी सहमति बनी। लिखित समझौते के बाद बारात बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौट गई।
घटना के बाद दोनों परिवारों में मायूसी का माहौल है। शादी की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं। उधर, बाद में वर पक्ष औंग थाने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई करने की सलाह दी है।
फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से औपचारिक मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है, तो तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है, क्योंकि जयमाल के बाद शादी टूटने की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।






