फतेहपुर। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी रामदत्त मिश्र ने जनपद में यूरिया और डीएपी की किल्लत को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 28 जून तक किसानों को पर्याप्त मात्रा में उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन 29 जून से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेगा।
रामदत्त मिश्र ने जारी बयान में कहा कि हरिद्वार चिंतन शिविर से लौटने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि फतेहपुर के किसान यूरिया और डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। धान की रोपाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई फुटकर विक्रेता किसानों को एक बोरी यूरिया देने के लिए 2,000 से 2,200 रुपये तक की डीएपी खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके बावजूद किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और अधिकारी लगातार यह दावा कर रहे हैं कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं और खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
भाकियू नेता ने बताया कि अशोथर, हंसवा, भिटौरा, बहुआ, हथगाम, ऐरायां और बिंदकी क्षेत्र के किसानों ने उन्हें खाद की भारी किल्लत की जानकारी दी है। किसानों का कहना है कि खाद के अभाव में धान की फसल प्रभावित हो रही है और महंगी खाद खरीदकर खेती करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
रामदत्त मिश्र ने जिलाधिकारी से मांग की कि जिला कृषि अधिकारी और एआर कोऑपरेटिव सहित संबंधित अधिकारी तत्काल फुटकर विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर की जांच कराएं। साथ ही सहकारी समितियों एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को पर्याप्त मात्रा में उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 28 जून तक समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) 29 जून से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।






