फतेहपुर जिले में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दीवार गिरने, पेड़ टूटने और टीन शेड उड़ने जैसी घटनाओं में अब तक 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद पूरे जिले में मातम पसरा हुआ है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया है।
जानकारी के मुताबिक गाजीपुर थाना क्षेत्र के डोढ़ावर गांव निवासी राजबहादुर का 12 वर्षीय बेटा ऋतिक हथगाम थाना क्षेत्र के कासिमपुर कटरा गांव स्थित अपने ननिहाल में टीन शेड के नीचे बैठा था। तभी अचानक तेज आंधी आने से शेड उसके ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं हथगाम थाना क्षेत्र के चलथरा गांव निवासी 65 वर्षीय उमैरा तूफान के दौरान छत से उतरते समय गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसी थाना क्षेत्र के मनमोहनपुर गांव निवासी 68 वर्षीय वासुदेव जंगल से लौट रहे थे, तभी अचानक उनके ऊपर पेड़ गिर गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अब्दुलगनीपुर मजरे सेमौरी गांव में 41 वर्षीय प्रेमा देवी की पेड़ गिरने से मौत हो गई। वहीं मंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय अब्दुल जलील दीवार गिरने से मलबे में दब गए, जिससे उनकी जान चली गई।
खागा थाना क्षेत्र के बसंता का पुरवा मजरे संवत गांव में 15 वर्षीय ननकी छत पर गेहूं समेट रही थी। इसी दौरान पड़ोसी का निर्माणाधीन मकान तेज आंधी में भरभराकर गिर पड़ा और किशोरी मलबे में दब गई। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उधर हुसेनगंज थाना क्षेत्र के बम्हरौली गांव में आंधी के दौरान मकान की दीवार गिरने से पांच लोग दब गए। हादसे में दुर्योधन की पत्नी शियाकली की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए।
प्रशासन के मुताबिक सबसे ज्यादा तबाही खागा तहसील क्षेत्र में हुई है, जहां 8 लोगों की मौत हुई है। सदर तहसील क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की जान गई है। वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें शिवांश, कल्पना देवी, श्रीदेवी और चंद्रपाल की पत्नी शामिल हैं। सभी का अस्पताल में इलाज जारी है।
तेज आंधी और बारिश से जिले में फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली के पोल और पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की तैयारी की जा रही है।






