फतेहपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के सामने आने के बाद पूरे शिक्षा विभाग और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। इस मामले को लेकर यूपीटीईओ एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें कर्मचारियों ने गंभीर आरोपों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। विनोद श्रीवास्तव के सुसाइड नोट में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। नोट में कथित रूप से आर्थिक लेन-देन और मानसिक दबाव जैसी बातों का जिक्र होने से मामला और संवेदनशील हो गया है।
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक कर्मचारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे विभाग की गरिमा से जुड़ा विषय है। यदि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।
बैठक में यह भी उठाया गया कि विभागीय स्तर पर कर्मचारियों पर बढ़ता दबाव, कार्यप्रणाली में खामियां और बाहरी हस्तक्षेप जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कर्मचारी को इस तरह मानसिक प्रताड़ना का शिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने फतेहपुर की सियासत और शिक्षा विभाग दोनों में हलचल तेज कर दी है, अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।






