फतेहपुर। जिले के अशोथर क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के बाद बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। 28 मई को आए तूफान के दौरान जरौली के पास 11,000 वोल्ट (11KV) की मुख्य विद्युत लाइन के 6 से 7 खंभे टूटकर सड़क पर गिर गए, जिससे क्षेत्र के कई गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
जानकारी के अनुसार अशोथर मुख्य पावर हाउस से जुड़े जरौली, कौहन, कांसपुर और आदमपुर सैनबसी समेत कई गांव पिछले तीन दिनों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। भीषण गर्मी के बीच हजारों ग्रामीणों, बच्चों, बुजुर्गों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से समस्या के समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने पर केवल यह कहा जा रहा है कि मरम्मत कार्य में अभी और समय लगेगा। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को आदमपुर सैनबसी और जरौली के युवाओं ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। युवाओं ने टूटे हुए खंभों और क्षतिग्रस्त लाइन को खोज निकाला तथा उसके वीडियो और फोटो भी तैयार किए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराने तथा जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।






