नरसिंह मौर्य असोथर फतेहपुर
फतेहपुर- बांदा जनपद की मर्का खदान शुरू होते ही मौरंग माफिया बेखौफ होकर ओवरलोड मोरंग के ट्रकों से फतेहपुर जनपद के ग्रामीण मार्गों को चकनाचूर करना शुरू कर दिया है बांदा जिले की अभी हाल में शुरू हुई मरका खदान से निकलने वाले ओवरलोड वाहन फतेहपुर के असोथर, विजयीपुर और थरियांव तक सड़कों पर दिन-रात दौड रहे हैं अफसर दर्शक बने है जनपद की मरका खादर खंड संख्या 4 खदान में आधा दर्जन से अधिक बूम वाली पोकलैंड मशीनें रात-दिन गाड़ियां लोड कर रही हैं, और मौरंग खदान से निकलने वाला हर ट्रक और डंपर – ट्रेलर मानो कानून और गाइडलाइन का मज़ाक उड़ाता हुआ प्रशासन की नाक के नीचे से गुजर रहा है।
सूत्रों की मानें तो इस खदान के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर कुछ दबंग और सत्ता से जुड़े सफेदपोश नेताओं बांदा जिले के एक बहुचर्चित मौरंग के कारोबारी पूर्व विधायक की टीम को सौंप दी गई है ताकि माफिया की बादशाहत कायम रहे और कोई भी जुबान खुल न सके।
गैर जिले बांदा के मरका खादर खंड संख्या 4 से आने वाली मौरंग फतेहपुर जिलें के असोथर थानाक्षेत्र और नगर के बीचों बीच से रात दिन निकल रही हैं। खनन भले ही बांदा में हो रहा हैं पर मौरंग की निकासी सौ प्रतिशत फतेहपुर जिलें के रामनगर कौहन पुल से होकर असोथर कस्बे के बीचोबीच से निकल कर सीधे हाईवे और गैर जिलों रायबरेली , प्रतापगढ़ , कौशांबी , राजधानी लखनऊ तक मौरंग पहुंचाई जा रही हैं।योगी
सरकार के आदेश
धरातल नही हैं सिस्टम के हर मोड़ पर रसूख का साया है
अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत होती, तो लगातार वायरल वीडियो गवाही दे रही हैं कि कैसे मौरंग माफिया का सिंडीकेट शासन की साख को भी चुनौती दे रहा हैअसोथर-
थरियांव मार्ग की ताजा तस्वीरें प्रशासन की पोल खोल रही हैं।






