फतेहपुर, 28 मई। राष्ट्रभक्ति की असीम भावना रखने वाले, मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए संघर्ष करने वाले कवि, हिंदू हृदय सम्राट एवं हिंदू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रातः स्मरणीय वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जन्म जयंती अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा आईटीआई रोड स्थित कैंप कार्यालय में धूमधाम से मनाई गई।
इस अवसर पर वीर सावरकर के तैलीय चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना की गई। साथ ही राहगीरों को शरबत वितरित कर सेवा कार्य भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने गोष्ठी एवं बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री से वीर सावरकर को शीघ्र भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई।
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने कहा कि ब्रिटिश सरकार को लोहे के चने चबवाने वाले, स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों को देश-विदेश तक हथियार एवं साहित्य पहुंचाने वाले तथा अंडमान निकोबार की सेल्युलर जेल में काला पानी की कठोर सजा काटने वाले वीर सावरकर को अब तक भारत रत्न न दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की बात करने वाली सरकार को सावरकर जी को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि वीर सावरकर का जीवन परिचय बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए तथा उनके चित्र वाला डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया जाए।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, जिला प्रभारी गजेंद्र मौर्य, स्वामी राम आसरे आर्य, करण सिंह पटेल, डॉ. प्रमोद पांडेय, संतोष नेता, मूलचंद गुप्ता, दीपक यादव, मुकेश चौरसिया, श्रवण कुमार, गौरी शंकर दुबे, महिला जिला अध्यक्ष संगीता गुप्ता, नीलम यादव, पुष्पा गुप्ता, स्वामी गणेशानंद महाराज सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।






