फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 456 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां, आइए होकर हंस सवार।
रचना में रस -छंद भर,दो नूतन श्रृंगार।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- पितृ पक्ष में कीजिए ,पितरों का सम्मान।
नित उनका तर्पण करें, करें अन्न – जल दान।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – यह जीवन कितना परिवर्तित, स्थिरता का आभास नहीं।
है उदय एक के जीवन में ,तो अस्त अन्य का निहित कहीं।।
आचार्य विष्णु शुक्ल ने पढ़ा- आओ जी भर के मिलो ,हमसे मिलो ,
ये मुलाकात कहीं ,आखिरी न हो जाए।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- भगत सिंह के जन्मदिवस पर, मिलकर खुशी मनाएं।
उनके साहस और शहादत, को न कभी बिसराएं ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – सबकी जुबानी, अमर कहानी, भगत सिंह वलिदानी की।
भुला सकेगा कौन याद, उस अजर -अमर कुर्बानी की।।
डॉ शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – ज्वार, बाजरा ,कोदों मक्का ,श्री अन्न कहलाए।
ब्रिक्स समिट में विश्व अतिथियों ,को यह व्यंजन भाए ।।
डॉ वेद नारायण बाजपेई ने पढ़ा – तुम्हारी छांव में ही आज सब अरमान पलते हैं ।
तुम्हारे ही दिए दीपक से घर में दीप जलते हैं।।
नमन है पितृ देवों को सुहावन श्रद्धा वेला में,
दिखाई राह जो हमको, उसी पर हम तो चलते हैं।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक तथा संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने एक मुक्तक के माध्यम से अपने भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये- मृत पितरों का श्राद्ध कर,दें श्रद्धा- सम्मान।
पर जीवित मां-बाप ही,सहें न दुख- अपमान ।।
आगे पुनः पढ़ा – है सरदार भगत सिंह जैसा, कौन अमर वलिदानी।
मातृभूमि पर भेंट चढ़ा दी, चढ़ती हुई जवानी।।
इस अवसर पर उन्होंने प्रातः 8:00 बजे से 11:30 बजे तक प्राथमिक कक्षाओं से लेकर स्नातकोत्तर कक्षाओं तक की हिंदी एवं संस्कृत विषय से संबंधित समस्याओं के निःशुल्क समाधान प्रदान करने की बात भी कही ।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।





