फतेहपुर – भिठौरा स्थित श्मशान घाट शिव लोक ट्रस्ट को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। ट्रस्ट के सदस्य सुधाकर अवस्थी द्वारा जारी बयान में समाजसेवी अशोक तपस्वी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब श्मशान घाट में उनका जन्मदिन मनाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
जारी बयान के अनुसार, शिव लोक ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी स्वामी विज्ञानानंद द्वारा वर्षों से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था संचालित की जा रही है। ट्रस्ट अब तक करीब 1200 लावारिस हिंदू शवों का अपने खर्च पर अंतिम संस्कार कर चुका है। बताया गया कि पहले लावारिस शवों की स्थिति बेहद दयनीय होती थी, लेकिन स्वामी विज्ञानानंद के प्रयासों से अब सरकार द्वारा शवों को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई है।
सुधाकर अवस्थी ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में अशोक तपस्वी ने लावारिस शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था खुद द्वारा कराने का दावा किया, जो पूरी तरह असत्य और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि अशोक तपस्वी केवल अंतिम संस्कार के समय प्रतीकात्मक रूप से अगरबत्ती करते हैं, जबकि पूरे खर्च और व्यवस्था का जिम्मा शिव लोक ट्रस्ट उठाता है।
बयान में यह भी कहा गया कि अशोक तपस्वी ने अपने वक्तव्य में न तो शिव लोक ट्रस्ट और न ही स्वामी विज्ञानानंद का कोई उल्लेख किया, जिससे समाज में भ्रम फैल रहा है। साथ ही, श्मशान घाट में जन्मदिन मनाने और केक काटने को लेकर भी आपत्ति जताई गई और इसे सनातन परंपराओं के विपरीत बताया गया।
ट्रस्ट के सदस्य ने अपील की कि समाजसेवा के नाम पर गलत दावे न किए जाएं और सच्चाई को स्वीकार करते हुए कार्य किया जाए। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोगों की नजरें आगे की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।






