फतेहपुर-पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति द्वारा उठाए गए सैनिक पॉलीक्लिनिक अस्पताल घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। जांच के दौरान भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में आर्मी कमांडर द्वारा गठित जांच समिति के अध्यक्ष कर्नल विभूति वैभव (कमांडिंग ऑफिसर, 264 एससी सप्लाई कंपनी) के नेतृत्व में मामले की गहन जांच शुरू की गई।
बताया गया कि 9 अप्रैल 2026 को समिति ने संगठन के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी को प्रयागराज बुलाकर सभी दस्तावेजों की जांच की और उनके बयान दर्ज किए। इसके बाद कर्नल विभूति वैभव, कर्नल मनोज अग्रवाल, रक्षा संपदा विभाग के अधिकारियों तथा पॉलीक्लिनिक के कार्यवाहक ऑफिसर इंचार्ज ने मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया।
जांच के दौरान यह सामने आया कि सैनिक अस्पताल के लिए आवंटित भूमि से अलग स्थान पर, कथित रूप से कचरे के ढेर पर, गैरकानूनी तरीके से भवन का निर्माण कराया जा रहा था। पैमाइश में यह भी पाया गया कि बिना किसी वैध कारण और अधिकार के भवन का स्थान बदला गया।
अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने बताया कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनपद के करीब 26 हजार पूर्व सैनिकों, उनके बच्चों और परिवारों को न्याय मिलेगा।
वहीं महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सही स्थान पर भूमि आवंटित कर पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण नहीं हो जाता।
इस मौके पर फतेहपुर फोरम के राजीव तिवारी (पार्लियामेंट्री कमिटी बोर्ड से जुड़े) तथा लक्ष्मण अवॉर्डी रविकांत मिश्रा, सदस्य सेना सुझाव समिति भारत सरकार ने भी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच में सहयोग और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान हीरालाल यादव, सुनीता यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।






