फतेहपुर जिले में शिक्षा विभाग का अजब गजब कारनामा सामने आया है इस कारनामे में बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेज शामिल कर नौकरी हासिल की किये जाने का मुद्दा सामने आ रहा है जानकार सूत्रों का कहना है कि संपूर्णानंद संस्कृत विद्यालय से करीब 35 ऐसे टीचर हैं जिन्होंने फर्जी एवं मनमाने तरीके से डिग्री हासिल कर ली इतना ही नहीं इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने एक ही समय पर दो-दो जगह से डिग्रियां हासिल की और दस्तावेजों में साक्ष्य छुपा कर नौकरी हासिल कर ली ऐसे टीचरों की संख्या अशोथर बहुआ ब्लॉक में ही नहीं बल्कि कई ब्लॉक में बताई जा रही है यह टीचर खुद जानते हैं कि किस तरीके से फर्जीवाड़ा के मकड़ जाल में फंसे हुए हैं लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों को गुमराह करके यह नौकरी हासिल करने में सफल हो गए और अब एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा डाली गई आरटीआई में इन सब बिंदुओं का बड़ा खुलासा होता जा रहा है सूत्रों का कहना है कि ऐसे ही एक टीचर को पिछले वर्ष बाकायदा जांच पड़ताल में फर्जी अंक पत्र प्रमाण पत्र व तमाम दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर बर्खास्त की भी कार्रवाई की गई थी और उसे रिकवरी की भी कार्रवाई की गई अब इस पूरे मामले का बड़ा खुलासा हो जाने के बाद विभाग में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है सूत्रों का दावा है कि राधानगर इलाके का एक टीचर तो कई वर्षों पहले ऐसे ही मामले में फतेहपुर जिले से बकायदा ट्रांसफर कराकर गैर जनपद चला गया इन टीचरों में कुछ महिलाएं भी शामिल है अब यह पूरा मामला शासन स्तर पर पहुंच गया है सम्पूर्णानंद संस्कृत विद्यालय से डिग्री हासिल करके प्राइमरी के टीचर बने इन लोगों पर अब कार्रवाई को लेकर सुर्खियों का बाजार गर्म है आरटीआई कार्यकर्ता ने अभी अपना नाम न छापने की शर्त में बताया कि जल्द ही वह बाकायदा एक प्रश्नोत्तरी रिलीज करके सार्वजनिक करेगा की फतेहपुर जिले में कितने ऐसे टीचर हैं जिन्होंने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करके शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने में कामयाबी हासिल कर ली।
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सम्पूर्णानन्द संस्कृत स्कूल की फर्जी डिग्री बनवा बन गए टीचर एक ही समय मे दो जगह की डिग्री कैसे ??- उठे सवाल,एक वर्ष पूर्व ऐसे मामले में एक मुंशी जी हुए थे बर्खास्त हुई थी रिकवरी-RTI में बड़ा खुलासा करीब पैतीस मुंशी जी की डिग्री में सन्देह-
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