फतेहपुर। आबू नगर स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार को फतेहपुर सेवारत मृतक आश्रित नियुक्त बीटीसी प्रशिक्षण से जुड़े साथियों का “आत्मीय मिलन एवं स्मृति संगम समारोह” आयोजित हुआ। करीब 15 वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले साथियों ने पुराने प्रशिक्षण काल की स्मृतियां साझा कीं तो कई अवसरों पर आंखें नम हो गईं और साथी पुरानी यादों में भावुक हो उठे। पांच घंटे चले इस समारोह में आत्मीयता, स्मृतियों और आपसी सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन अनुराग मिश्र ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत 93 सदस्यीय बैच के उन नौ दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन रखकर की गई, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। साथियों ने उनके साथ बिताए प्रशिक्षण काल और जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के संचालक अनुराग मिश्र ने कहा कि यह औपचारिक मिलन नहीं, बल्कि उन रिश्तों और स्मृतियों को फिर से जीवंत करने का अवसर है, जिन्हें समय और परिस्थितियां कभी खत्म नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि हमारा यह साथ केवल यादों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत के समय एक-दूसरे के काम आए, यही इस मिलन की सार्थकता होगी।
समारोह में साथियों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दिवंगत साथियों के परिजनों को ग्रेच्युटी का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सहयोग करने तथा समूह के सदस्यों की विषम परिस्थितियों में आर्थिक मदद के लिए एक सहायता कोष गठित करने का निर्णय लिया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि साथियों के हित और समस्याओं के समाधान के लिए संगठनात्मक स्तर पर हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
दिग्विजय सिंह ने फंड और पेंशन से संबंधित समस्याओं के निराकरण में निस्वार्थ भाव से सहयोग करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि किसी साथी को पेंशन, फंड अथवा अन्य देयकों से संबंधित समस्या आती है तो उसके समाधान के लिए हरसंभव मदद की जाएगी।
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावनात्मक और यादगार बना दिया। विजय श्रीवास्तव ने दिल को छू लेने वाली गजल प्रस्तुत कर साथियों को भावुक कर दिया। कालिका प्रसाद तिवारी ‘दाऊ’ ने अपनी रचना के माध्यम से जीवन और रिश्तों की वास्तविकता को प्रभावी ढंग से सामने रखते हुए उपस्थित लोगों को झकझोर दिया। स्मृति श्रीवास्तव ने गजल प्रस्तुत की, जबकि राजेंद्र सैनी ने गमछे की व्याख्या पर आधारित अपनी अनूठी प्रस्तुति से सभी को अचंभित कर दिया।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं धर्मेंद्र कुमार, अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ नगर इकाई, ने संभालीं। कार्यक्रम की रणनीति जगदीश कुमार यादव ने तैयार की। समापन अवसर पर उन्होंने सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आत्मीय आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
समारोह में विनोद सिंह, स्मृति श्रीवास्तव, रामदुलारे पाठक, लालसा यादव, प्रभावती, राखी, तारावती, अजय द्विवेदी, आदित्य गुप्त, सुधीर कुमार, अनूप सविता, राम नारायण मिश्र, सीपी वर्मा सहित कुल 65 साथियों ने प्रतिभाग किया।
करीब पांच घंटे चले इस आत्मीय मिलन में 15 वर्ष पुराने रिश्तों ने फिर से नई गर्माहट महसूस की। लंबे अंतराल के बाद मिले साथियों ने पुरानी स्मृतियों को साझा किया और आपसी सहयोग एवं आत्मीयता के रिश्ते को आगे भी कायम रखने का संकल्प लिया।







