फतेहपुर भाजपा के असोथर मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद को कार्यकाल पूरा होने से पहले पद से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निषाद समाज से जुड़े युवाओं का एक वर्ग संगठन के फैसले पर सवाल उठा रहा है। कई पोस्टों में इसे समाज के राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं में युवाओं की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। कुछ पोस्टों में सवाल किया गया है कि निषाद समाज की महत्वपूर्ण आबादी वाले क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे राममहेश निषाद को बीच कार्यकाल में हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। वहीं कुछ लोगों ने भाजपा संगठन में निषाद समाज को अपेक्षित भागीदारी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की मांग की है।
वायरल हो रही पोस्टों में कहीं इसे निषाद समाज की उपेक्षा बताया जा रहा है तो कहीं संगठन के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं को पूरे निषाद समाज की राय नहीं माना जा सकता, लेकिन इन पोस्टों से समाज के युवाओं के बीच राजनीतिक चर्चा तेज होने के संकेत जरूर मिल रहे हैं।
राममहेश निषाद के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता भी चर्चा में रही। ऐसे में अचानक पद से हटाए जाने को लेकर समर्थकों और समाज के युवाओं में असंतोष की स्थिति दिखाई दे रही है।
अयाह शाह विधानसभा क्षेत्र में निषाद मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए भाजपा के संगठनात्मक बदलाव का राजनीतिक महत्व भी बढ़ जाता है। आगामी समय में होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन की गतिविधियों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल भाजपा संगठन की ओर से राममहेश निषाद को हटाए जाने के कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अब सभी की निगाहें संगठन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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संगठनात्मक बदलाव पर निषाद समाज के युवाओं में नाराजगी, राममहेश निषाद की विदाई पर सोशल मीडिया में उबाल, युवाओं ने उठाए सवाल
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