फतेहपुर – जिला उद्योग व्यापार मंडल (पंजी०) प्रदेश अध्यक्ष रवि प्रकाश दुबे के नेतृत्व में जिलाधिकारी फतेहपुर को ज्ञापन दिया गया जिसमें निवेदन किया कि आपके कुशल मार्गदर्शन में जनपद फतेहपुर में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक कार्यों को जो दिशा एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है, उसके लिए सामाजिक संस्थाएँ सदैव आपकी आभारी रही हैं। उसी विश्वास के साथ यह निवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि जनपद में हो रहे रक्त सेवा जैसे संवेदनशील सेवा कार्यों को और अधिक सुचारु एवं सहयोगात्मक बनाया जा सके। गुरमीत सिंह, जो कि जिला उद्योग व्यापार मंडल (पंजी०) का युवा जिलाध्यक्ष व संस्था सर्व फॉर ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के प्रबंधक हैं, जो विगत *08 वर्षों से निरंतर एवं निष्पक्ष रूप से जनपद फतेहपुर सहित प्रदेश स्तर पर रक्त सेवा कार्य कर रही है। संस्था का एकमात्र उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। किसी भी सरकारी संगठन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर की तिथि से कोई आपत्ति नहीं है न ही कभी रही है। समस्या तिथि के टकराव की भी नहीं बल्कि सरकारी पद व सरकारी नाम का प्रयोग कर गैर-सरकारी संस्था पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने की है जो अब असहनीय स्थिति में पहुँच चुका है।
पिछले 02 वर्षों से सरकारी संगठन जो जनपद स्तर पर आपके अधीन कार्य करती है, संस्था के कुछ पदाधिकारियों द्वारा संस्था के सेवा कार्य में निरंतर हस्तक्षेप किया जा रहा है। बार-बार एक ही तिथि पर जानबूझकर शिविर आयोजित कर, फिर सरकारी प्रभाव का हवाला देकर संस्था पर स्थान बदलने, कार्यक्रम रोकने अथवा अपने शिविर को प्राथमिकता देने का दबाव बनाया जाता है। 8 मई को जिला चिकित्सालय रक्तकेंद्र में आयोजित शिविर के दौरान सरकारी संस्था से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में स्टाफ की मौजूदगी में नारेबाजी की गई, जिससे सेवा कार्य की गरिमा प्रभावित हुई। उस समय संस्था ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने हेतु पूर्ण संयम एवं सहयोग का परिचय दिया।
वर्ष 2026 में भी इसी दबावपूर्ण प्रवृत्ति की पुनरावृत्ति हुई। संस्था द्वारा पूर्व नियोजित रूप से रक्तदान शिविर लगाने की अपील की गई। जानकारी मिलने पर कि उन्हीं तिथियों पर सरकारी संस्था का शिविर जिला चिकित्सालय रक्तकेंद्र में प्रस्तावित है, संस्था ने *टकराव से बचने हेतु स्वयं का शिविर का स्थान बदलकर दूसरे स्थान में रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया।
महोदय, इसके बावजूद सरकारी संस्था द्वारा अपने शिविर को रद्द कराकर *उसी स्थान पर, सरकारी नाम का हवाला देकर अपना रक्तदान शिविर आयोजित करने का दबाव बनाया गया* इस कृत्य से न केवल संस्था के रक्तदाता व स्वयंसेवक मानसिक रूप से आहत हुए हैं, बल्कि समाज में यह संदेश भी गया है कि *सरकारी प्रभाव का प्रयोग कर सेवा कार्य को नियंत्रित किया जा सकता है*, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं सामाजिक दृष्टि से हानिकारक है।
संस्था यह स्पष्ट करना चाहती है कि
* हमारा उद्देश्य *प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग* है।
* हमारा संघर्ष *तिथि से नहीं, दबाव और अपमानजनक व्यवहार से* है।
* सरकारी संस्था यदि सहयोगी भूमिका में कार्य करे, तो समाज को अधिक लाभ मिल सकता है।
*अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि*
1. किसी भी सरकारी संगठन द्वारा गैर-सरकारी संस्थाओं पर आपके नाम अथवा पद का अनुचित दबाव न बनाया जाए।
2. सरकारी संस्था एवं NGO के मध्य स्पष्ट कार्य-सीमा एवं समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
3. सरकारी संस्था अपने शिविर जिला चिकित्सालय रक्तकेंद्र परिसर में आयोजित करे।
4. संस्था द्वारा आयोजित शिविर को स्वतंत्र रूप से संचालित होने दिया जाए एवं सरकारी सहयोग प्रदान किया जाए।
महोदय, यह प्रार्थना किसी व्यक्तिगत लाभ हेतु नहीं, बल्कि *सेवा कार्य की गरिमा, स्वयंसेवकों के मनोबल एवं समाज में सकारात्मक संदेश बनाए रखने हेतु* की जा रही है। इस मौके पर युवा व्यापार मंडल महामंत्री व रक्तदाता शांतनु वर्मा, स्वयं 46 बार रक्तदान कर चुके गुरमीत सिंह,31 बार रक्तदान कर चुके राजेश मौर्य, 17 बार रक्तदान कर चुके शोभित सिंह, 13 बार रक्तदान कर चुके विनय,अजय,गौरव मिश्रा अन्य रक्तदाता उपस्थित रहे ।।








