कानपुर। मानवता परिवार संस्था द्वारा मानवता की मिसाल पेश करते हुए पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर पद पर तैनात श्री जाबिर अली को एक्सीडेंटल इलाज के लिए ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह सहायता संस्था की विशेष योजना के तहत मात्र ₹200 की सदस्यता शुल्क पर उपलब्ध कराई जाती है।
जानकारी के अनुसार, 30 मार्च को ड्यूटी के दौरान आईआईटी कानपुर के पास हुए सड़क हादसे में जाबिर अली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल रीजेंसी हॉस्पिटल, कानपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद डिस्चार्ज होने पर संस्था द्वारा निर्धारित अधिकतम सहायता राशि प्रदान की गई।
मानवता परिवार द्वारा यह 11वीं एक्सीडेंटल सहायता दी गई है। संस्था के मुताबिक, अब तक एक्सीडेंटल इलाज के लिए ₹3,95,869 की सहायता दी जा चुकी है, वहीं तीन मृतक नॉमिनी परिवारों को ₹9 लाख से अधिक की आर्थिक मदद प्रदान की गई है।
कानपुर मंडल प्रभारी प्रकाश पुंज ने बताया कि ₹200 का वार्षिक सदस्यता नवीनीकरण कराने वाले सदस्य ही ₹1 लाख तक की एक्सीडेंटल सहायता के पात्र होते हैं। वहीं, ₹200 का आजीवन शुल्क जमा कर सदस्य बनने वाले लोगों को भी एक वर्ष तक इस योजना का लाभ मिलता है। इसके अलावा मृतक नॉमिनी सहयोग, 100% स्थायी विकलांगता, गंभीर बीमारी एवं गंभीर दुर्घटना की स्थिति में 80% तक आर्थिक सहायता आपसी सहयोग से दी जाती है।
जिला प्रभारी अवनीश कुशवाहा एवं विनीत जी ने अधिक से अधिक लोगों से इस जनकल्याणकारी योजना से जुड़ने की अपील की।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रभारी पंकज कुमार, संस्था सदस्य सुशील कुमार, जय वर्मा, नेहा वर्मा, जाबिर अली, शोएब अख्तर, सिराज अहमद, खान, नजरुल हसन और दिनेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






