फतेहपुर। बहुआ विकास खंड की ग्राम पंचायत मदनपुर में विकास कार्य रुकने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। तालाब किनारे बन रहे इंटरलॉकिंग/सीसी मार्ग निर्माण कार्य को प्रशासनिक जांच में सही पाए जाने और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी बंद कराए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्राम प्रधान ने मंत्री को भेजे पत्र में पुलिस पर एक प्रभावशाली युवक के दबाव में काम रुकवाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत मदनपुर में गाटा संख्या 76 स्थित तालाब की खुदाई का कार्य पहले ही पूरा कराया जा चुका था। इसके बाद ग्राम पंचायत के प्रस्ताव और ग्रामीणों की सहमति से तालाब किनारे सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले सड़क निर्माण बेहद जरूरी है, ताकि गांव में आने-जाने में लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
निर्माण कार्य को लेकर शिकायत मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जांच की थी। नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की संयुक्त जांच में निर्माण कार्य को सही और जनहित में आवश्यक बताया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
आरोप है कि 19 मई को पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्राम प्रधान का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत नहीं बल्कि एक प्रभावशाली युवक के दबाव में की गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि उक्त युवक के प्रभाव के चलते गांव के विकास कार्य लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रशासनिक जांच और डीएम के आदेश के बाद भी विकास कार्य रुक जाएंगे तो गांव के विकास पर सीधा असर पड़ेगा।






