फतेहपुर। चांदपुर व अशोथर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार एक बार फिर तेजी से पैर पसारता नजर आ रहा है। बिजौली और मकरंदपुर के पास टीलों और खेतों से जेसीबी मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है। रात-दिन मिट्टी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अमौली कस्बे समेत आसपास के कई गांवों तक सप्लाई कर रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन दिखाई दे रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ओर पुलिस अधीक्षक द्वारा जिलेभर के थाना प्रभारियों को अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर चांदपुर थाना क्षेत्र में उन्हीं आदेशों की खुलेआम अनदेखी होती नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो थानेदार के कुछ खास लोगों के संरक्षण में मिट्टी माफियाओं का नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो चुका है।
‘महीनवारी सिस्टम’ के सहारे चल रहा खेल!
क्षेत्र में चर्चा है कि अवैध खनन का यह कारोबार केवल जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के दम पर नहीं, बल्कि कथित “महीनवारी सिस्टम” के सहारे फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार तय रकम हर महीने पहुंचाई जाती है, जिसके चलते मिट्टी से लदे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ते रहते हैं।
यही वजह बताई जा रही है कि दिन-रात चल रहे इस खुले खेल पर न तो प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की नजर पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध खनन से राजस्व को भारी नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
बड़ा सवाल
जब SP के सख्त निर्देश मौजूद हैं, तो आखिर चांदपुर क्षेत्र व अशोथर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है?
क्या जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करेगा या फिर मिट्टी माफियाओं का खेल यूं ही चलता रहेगा?






