फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के यमुना तटीय इलाके स्थित पलटू का पुरवा गांव में सरकारी राशन वितरण को लेकर उठे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। चार दिन पूर्व जिलाधिकारी द्वारा गांव में विकास कार्यों और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई थी। इसी दौरान गांव के एक युवक ने जिलाधिकारी के सामने कोटेदार द्वारा निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने की शिकायत की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश तो दे दिए, लेकिन अब जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जांच टीम गांव पहुंची जरूर, लेकिन खुले और निष्पक्ष तरीके से जांच करने के बजाय कोटेदार के समर्थकों के बयान दर्ज कर वापस लौट गई। जिन ग्रामीणों को कथित रूप से कम राशन मिलने की शिकायत थी, उन्हें न तो जांच में बुलाया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया।
मामला यहीं नहीं रुका। जिलाधिकारी के सामने शिकायत करने वाले युवक का आरोप है कि शिकायत के बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। अलग-अलग नंबरों से फोन कर उसे गांव छोड़कर भाग जाने की चेतावनी दी जा रही है। युवक का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में है। इस संबंध में युवक के ऑडियो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
पीड़ित युवक का कहना है कि उसने केवल अपने हक और गांव के गरीब लोगों के अधिकारों की आवाज उठाई थी, लेकिन उसे न्याय मिलने के बजाय प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन शिकायतकर्ता को सुरक्षा और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला पाएगा या फिर दबंग कोटेदार का प्रभाव सरकारी व्यवस्था पर भारी पड़ेगा? फिलहाल पूरे मामले पर जिले भर की निगाहें टिकी हुई हैं और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।






