फतेहपुर में कक्षा 12 के 17 वर्षीय छात्र तेजस उर्फ यशु की मौत का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में है। छात्र की मौत के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर छह बाहरी चोटों का उल्लेख होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिजनों ने पहले ही स्कूल में नकल की पर्ची मिलने के आरोप में छात्र को रिस्टीकेट करने, पिटाई करने और 1500 रुपये जुर्माना लगाए जाने का आरोप लगाया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आने के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि तेजस उर्फ यशु फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरम स्थित सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 12-B का छात्र था। परिजनों के मुताबिक नकल की पर्ची मिलने के आरोप के बाद विद्यालय में उसके साथ कार्रवाई की गई थी। परिवार का आरोप है कि छात्र को रिस्टीकेट करने के साथ उसके साथ मारपीट की गई और 1500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि जांच का विषय है।
घटना के बाद तेजस सौंरा के पास अचेत अवस्था में मिला था। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए कानपुर रेफर कर दिया। लेकिन कानपुर ले जाते समय रास्ते में ही 17 वर्षीय तेजस ने दम तोड़ दिया। परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी गहरा है क्योंकि तेजस उनकी इकलौती संतान बताया जा रहा है।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक छात्र के शरीर पर छह बाहरी चोटें पाई गईं। दाहिनी छठी पसली में फ्रैक्चर दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में छाती के अंदर करीब 100 मिलीलीटर खून और रक्त का थक्का मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा बड़ी रक्त वाहिका और लीवर में चोट दर्ज की गई है, जबकि पेट के अंदर भी खून जमा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है।
छात्र की मौत के बाद उसकी मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। परिवार स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग कर रहा है कि आखिर तेजस को चोटें कैसे लगीं और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के आरोप और घटनाक्रम की जांच बेहद अहम हो गई है। अब निगाहें पुलिस और प्रशासन की जांच पर हैं कि छात्र की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां कौन सी थीं।








