यूपी के इटावा जसवंतनगर क्षेत्र के सराय भूपत कटेखेड़ा गांव में एक दलित युवक को ऊंची जाति की लड़की के साथ घूमना महंगा पड़ गया। सामाजिक भेदभाव और जातिगत मानसिकता के चलते कुछ दबंग युवकों ने उसे तालिबानी सजा दी। पहले युवक को घेरकर बुरी तरह पीटा गया, फिर जबरन सिर मुंडवा कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
पीड़ित सूर्या अपने एक मित्र के साथ मोटरसाइकिल से जसवंतनगर की ओर जा रहा था, तभी गांव के 5-6 युवकों ने उसे बीच रास्ते में रोक लिया। युवक की पिटाई बेल्ट, लात-घूंसों से की गई और पास की एक दुकान पर ले जाकर उसका सिर मुंडवा दिया गया। पीड़ित की मां पप्पी देवी और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और आरोपियों से मिन्नतें कीं, लेकिन हमलावर नहीं माने।
घटना की सूचना मिलने पर थाना जसवंतनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना बेहद गंभीर है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
पीड़ित सूर्या ने बताया मैं अपने दोस्त के साथ जा रहा था, तभी गांव के कुछ युवकों ने मुझे पकड़ लिया और कहा कि ‘दलित होकर ऊंची जाति की लड़की को घुमा रहा है। इसके बाद उन्होंने मेरी बेरहमी से पिटाई की और सिर मुंडवा दिया।
पीड़ित की मां ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, अगर दोनों की गलती थी, तो दोनों को सजा मिलनी चाहिए। मेरा बेटा निर्दोष है, उसे समाज की सोच की सजा मिली है।







