रिपोर्ट- आदर्श तिवारी
Fatehpur: जिले के विजईपुर ब्लाक के कठरिया गांव में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवताचार्य कुलदीप तिवारी वृंदावन धाम ने पूतना उद्धार की कथा सुनाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा वाचक ने विस्तार से बताया कि कैसे कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए पूतना नामक राक्षसी को भेजा, जिसने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल में प्रवेश किया और विषैले स्तनों से श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने का प्रयास किया। हालांकि, बालक श्रीकृष्ण ने उसकी सच्चाई पहचान ली और उसका वध कर दिया, जिससे पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर भक्त अनूप शुक्ल, श्रावणशुक्ल, अवधेश दुबे, भगवानदास, अमन, आनंद , मोहन त्रिपाठी, अरुण शुक्ल आदि सैकड़ों भक्तों ने कथा का आनंद लिया
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूतना को श्रीकृष्ण ने मातृत्व का दर्जा दिया, क्योंकि उसने उन्हें स्तनपान कराया था, भले ही उसकी मंशा बुरी थी। यह कथा हमें सिखाती है कि भगवान अपने भक्तों के भाव को महत्व देते हैं और अधर्म पर धर्म की विजय होती है।
पूतना उद्धार की यह कथा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि बुरे इरादों के बावजूद, यदि किसी के कर्म में मातृत्व या सेवा का भाव हो, तो भगवान उसे भी मोक्ष प्रदान करते हैं।







