फतेहपुर। जिले के नगर पंचायत असोथर में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे वर्षों से कथित रूप से अवैध अस्पतालों का संचालन होने का मामला सामने आया है। डीएम की सख्ती और हाल ही में निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर हुई कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, असोथर मंडी के पास संचालित कामदगिरि, दृष्टि समेत आधा दर्जन निजी अस्पतालों को लेकर एक गोपनीय जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
सूत्रों का दावा है कि इन अस्पतालों के पास न तो वैध पंजीयन है और न ही संचालन के लिए जरूरी कानूनी दस्तावेज। इसके बावजूद बीते करीब 10 वर्षों से यहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि कई केंद्रों पर बिना योग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक संसाधनों के ऑपरेशन तक किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, इन कथित अस्पतालों में न तो कोई मान्यता प्राप्त सर्जन तैनात है और न ही एनेस्थेटिस्ट अथवा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक। इसके बावजूद यहां 24 घंटे मेजर और माइनर सर्जरी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से इसकी चर्चाएं थीं, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई गोपनीय जांच के बाद मामला गंभीर होता दिखाई दे रहा है।
सूत्र बताते हैं कि जिला मुख्यालय समेत विभिन्न कस्बों में संचालित ऐसे कई निजी अस्पताल प्रशासन की रडार पर हैं, जो नियमों को ताक पर रखकर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन संस्थानों की गोपनीय जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ संस्थानों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
हाल ही में अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों के बीच यह संदेश स्पष्ट है कि अब नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की मेहरबानी नहीं होगी। जांच पूरी होने के बाद जिले में कई और बड़े खुलासे और कार्रवाई सामने आ सकती हैं।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नजर असोथर समेत जिले के उन सभी निजी अस्पतालों पर है, जिनके संचालन और मानकों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।






