यूपी के फतेहपुर -विदेश भेजने के नाम पर दर्जनों बेरोजगारों से करोड़ो की ठगी और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में वांछित शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव के पिता राम नरेश सिंह यादव को धारा 482 के तहत् राहत देने से उच्च न्यायालय ने स्पष्ट इन्कार करते हुए, उनसे निचली अदालत में ही अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव के पिता राम नरेश सिंह यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका (अपील नं. 37863/2024) दाखिल कर अनुरोध किया था कि मुक़दमा अपराध संख्या 07/2021 सरकार (अमित शुक्ला पुत्र सुरेश शुक्ला) बनाम शैलेन्द्र सिंह आदि में उनकी नामजदगी ग़लत है, इसलिए उनको धारा 482 के तहत् बरी किया जाए। विगत 01 मई को उच्च न्यायालय के कोर्ट नं. 84 के विद्वान् न्यायमूर्ति दीपक वर्मा ने अभियुक्त के अधिवक्ता ईश्वर चन्द्र त्यागी की सारी दलीलों को ख़ारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत जाईए, वहीं अपनी बात कहिए जाकर।
आरोप है कि शहर के चित्रांश नगर निवासी समाजसेवी/व्यवसाई पं. सुरेश चन्द्र शुक्ला के दूसरे नंबर के पुत्र अमित शुक्ला को विदेश भेजने के लिए शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव गैंग ने बगैर स्थाई वीजा के विदेश भेजा, क्योंकि उसको धोखे में रखकर ट्रांजिट वीजा थमा दिया गया था, इसलिए उसका (अमित) का जीवन संकट में पड़ गया और बमुश्किल वह जान बचाकर स्वदेश लौट सका।
उच्च न्यायालय में उपरोक्त रिट याचिका को खारिज कराने में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत अवस्थी ने बताया कि अभियुक्त ने कोर्ट को तथ्य छिपाकर लाभ लेने का प्रयास किया, जिसको कोर्ट ने गंभीरता से लिया और निचली अदालत जाने के आदेश के साथ रिट याचिका खारिज़ कर दिया।
अधिवक्ता श्री अवस्थी ने बताया कि शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव के साथ-साथ उसके पिता एवं छोटे भाई पर गैंग संचालित करके बेरोजगारों को ठगने का आरोप है, सभी मौजूदा समय में ज़मानत पर हैं, कोर्ट में आरोप पत्र दाख़िल हो चुका हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त ऐसी ही कई और एफ.आई.आर. में भी शैलेन्द्र सिंह और उसके भाई संदीप सिंह उर्फ़ विकास यादव अभियुक्त हैं और काफ़ी समय तक जेल में भी रह चुके हैं। ये लंबे समय तक फरार रहे, जब कोर्ट से कुर्की वारेंट जारी हुआ तब हाज़िर हुए।
Trending Now
Up news: विदेश भेजने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी का मामला
👁 10.5K views







