फतेहपुर जिले में नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के आरोपी सुमित सिंह का एक और कारनामा सामने आया है। आरोप है कि सुमित ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर कई वर्षों तक सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन का लाभ उठाया।
जांच में मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी और उसके परिवार ने करीब 2 लाख 40 हजार रुपये की पेंशन का लाभ लिया। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने पेंशन पर रोक लगाते हुए दिव्यांग कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
सुमित सिंह पर पहले भी एक दर्जन से अधिक लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप हैं। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल आठ मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। इनमें थरियांव थाने में पांच, खागा कोतवाली में दो और मलवां थाने में एक मुकदमा दर्ज है।
फर्जी दिव्यांग पेंशन के मामले में प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद आरोपी के खिलाफ अभी तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरा मामला थरियांव थाना क्षेत्र से जुड़ा है।








