फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- करो कृपा मां शारदे , मिट जाए अज्ञान।
बुद्धि सदा निर्मल रहे ,रहे नहीं अभिमान ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- माघ अमावस पर्व में , करें तीर्थ स्नान।
तिल गुड़ ,चावल, अन्न वा करें वस्त्र का दान ।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – परिवर्तन ही जीवन का क्रम, मिलना और बिछड़ना है।
प्रतिपल धैर्य परीक्षा लेता, संघर्षों से लड़ना है।।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- मौन अमावस पर्व का ,संगम में स्नान ।
सकल मनोरथ पूर्ण कर ,करता मोक्ष प्रदान ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – कहें पुराण प्रयाग क्षेत्र में, सकल तीर्थ, देवों का वास।
माघ मास संगम में डुबकी, करती सब पापों का नाश ।।
अनिल कुमार तिवारी ‘निर्झर’ ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – चलो स्वागत करें मिलकर, सुखद मधुमास आया है ।
तितलियां नृत्य करती हैं , भ्रमर ने गीत गाया है।।
रवींद्र कुमार तिवारी ने पढ़ा – जब चतुर्दिक हो अंधेरा, नेह का दीपक जलाएं ।
शांति औ सद्भावना को , लक्ष्य जीवन का बनाएं ।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव एक मुक्तक के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – मरता हुआ वतन जो अब तक रहे बचाए।
गिरता हुआ वतन जो अब तक रहे उठाए।।
तुमको उन्हीं शहीदों के ख़ून की कसम है,
यह देश लुट न पाए, यह मुल्क मिट न पाए।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।








