फतेहपुर। जिले के विजयीपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत विजयीपुर में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की गई थी उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद मंगलवार को मनरेगा लोकपाल मनरेगा में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच करने गांव पहुंचे थे जहां जांच के दौरान अधिकारियों को कई खामियां मिलीं हैं
ग्राम पंचायत के रहने वाले प्रियेश सिंह उर्फ विक्रम सिंह ने उच्चाधिकारियों से ग्राम पंचायत में हुए मनरेगा के कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था उच्चाधिकारियों ने शिकायत को संज्ञान में लेकर मनरेगा में हुए कार्य नाली खुदाई, नाला निर्माण, मिट्टी पुराई समेत कुल 11 कार्यों की जांच की
ग्राम पंचायत के मजरे निहालपुर, एकौरा, रसौली, पलवाहार गांव में हुए कार्यों में कई जगह खामियां मिलीं टीम ने अबरार के खेत से बबलू के खेत तक हुए मिट्टी पुराई व नहर से मुन्ना के खेत तक नाली सफाई के कार्य में भारी अनियमिताएं मिली इसी तरह झल्लर के खेत से रिंकू के खेत तक नाली सफाई की भी जांच की गई जिसमें शिकायत कर्ता द्वारा गांव में रिंकू नाम के व्यक्ति के न होने की भी बात कही
जांच के दौरान कई बार प्रधान पक्ष व शिकायत कर्ता के बीच कहासुनी भी होती रही वहीं पलवाहार गांव में महिला ने अधिकारियों के सामने ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार का हाल रो रोकर सुनाया गांव की रहने वाली महिला रमदसिया ने ग्राम प्रधान पर उसकी पट्टे की जमीन पर जबरन जेसीबी मशीन के सहारे नाला खुदाई कराने का आरोप लगाया
ग्राम पंचायत में हुए भारी भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने भी अधिकारियों के सामने खूब हा हुजूरी की अब अधिकारी मामले में लीपापोती करते हैं या मनरेगा में किए गए कार्यों में हुए भारी भ्रष्टाचार के आरोपियों पर कार्रवाई करते हैं यह तो आगे का समय ही तय करेगा
वहीं शिकायत कर्ता ने बताया कि वह ग्राम पंचायत में हुए भारी भ्रष्टाचार को लगातार जांच कराते रहेंगे उन्होंने यह भी कहा कि मिलीभगत करने वाले अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करने के लिए वह हाइकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
मामले में मनरेगा लोकपाल राजबहादुर यादव ने बताया कि अभी कुछ कार्यों की जांच बाकी है जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।






