असोथर/फतेहपुर। जनवरी माह से मोरम खदानों से खनिज वाहनों का आवागमन शुरू होने के बाद असोथर क्षेत्र की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में गुजर रहे भारी वाहनों के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें जगह-जगह टूटकर खस्ताहाल हो चुकी हैं।
असोथर नगर पंचायत के मुख्य मार्ग सुजानपुर रजबहा प्राइवेट बस स्टॉप पुल के दोनों ओर खनिज वाहनों के लगातार आवागमन से मिट्टी के बड़े-बड़े टीले बन गए हैं। इन टीलों के चलते पैदल राहगीरों और बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक असंतुलित होकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी (ईओ), नहर विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मिट्टी के टीले हटाने या सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आने-जाने वाले लोग रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी चन्द्र आर्य ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो इस मामले को जिलाधिकारी के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ओवरलोड खनिज वाहनों का दबाव क्षेत्र की सड़कों और आम जनता की सुरक्षा पर भारी पड़ता रहेगा, और जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे?






