उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शांति नगर इलाके के एक निजी अस्पताल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल परिसर के अंदर ही कुछ लोग खुलेआम जुआ खेलते और शराब पार्टी करते नजर आ रहे हैं। जिस जगह मरीज अपनी जान बचाने आते हैं, वहीं इस तरह की गतिविधियां सामने आने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
वीडियो सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, अब तक इस पूरे मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल संचालक की स्वास्थ्य विभाग और राजनीतिक गलियारों में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। यही वजह है कि पहले भी विवादों में रहे इस अस्पताल पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि दो वर्ष पहले भी इस अस्पताल के आसपास विवाद हो चुका है।
इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अस्पताल अब इलाज के बजाय अवैध गतिविधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं? मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि यह मामला सिर्फ जांच तक सीमित रहेगा या वास्तव में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।






