फतेहपुर जिले से एक गरीब विधवा महिला को न्याय के लिए दर-दर भटकने का मामला सामने आया है। गाजीपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव की रहने वाली आशा देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर गांव के कुछ दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, कब्जा हटवाने के नाम पर हल्का लेखपाल पर भी रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि पीड़िता की जमीन पर गांव के आशाराम, अशोक और नितिन ने जबरन नींव खुदवाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जब आशा देवी ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि दबंगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का कहना है कि न्याय की उम्मीद लेकर वह लेखपाल अभिलाषा के पास पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। आशा देवी का आरोप है कि लेखपाल ने कब्जा हटवाने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। गरीब और बेसहारा होने के कारण वह इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ हैं।
आरोप है कि स्थानीय थाना पुलिस से भी उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। इसके बाद पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार ने प्रशासन से जमीन को कब्जामुक्त कराने, आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और रिश्वत मांगने के आरोप की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।






