उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। एक जुलाई से पूरे प्रदेश में स्कूल बसों की विशेष जांच की जा रही है। फतेहपुर में भी एआरटीओ प्रशासन की अगुवाई में यह अभियान शुरू हो गया है। पहले एक सप्ताह तक बस संचालकों को कमियां दूर करने का मौका दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद नियमों का उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 1 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष स्कूल बस जांच अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिले की सभी स्कूल बसों की फिटनेस, तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। जांच के दौरान बसों में स्पीड गवर्नर, ब्रेक सिस्टम, टायरों की स्थिति, अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी और अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच और चालक व परिचालक के रिकॉर्ड एवं सत्यापन की भी पड़ताल होगी। एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि 1 जुलाई से 8 जुलाई तक बस संचालकों को केवल नोटिस जारी किए जाएंगे ताकि वे अपनी कमियों को दूर कर सकें। यदि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किया गया तो 9 जुलाई से नियमों के तहत चालान, वाहन सीज करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि जिले का हर स्कूली बच्चा सुरक्षित और मानक अनुरूप वाहन से स्कूल आए-जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए।
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1 जुलाई से स्कूल बसों की सघन जांच शुरू, 8 जुलाई तक नोटिस, फिर होगी सख्त कार्रवाई
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