फतेहपुर,शहर के बाकरगंज स्थित कबेला रोड पर आयोजित होने वाली सालाना अशरये मजलिस का कार्यक्रम 5 अगस्त से शुरू होकर 14 अगस्त 2026 तक चलेगा। आयोजकों द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि यह धार्मिक आयोजन वर्ष 1978 से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसमें इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
प्रेस नोट के अनुसार, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने मानव समाज को समानता, एकता, शांति, सहयोग और भाईचारे का संदेश दिया था। उनके नवासे इमाम हुसैन ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। कर्बला की घटना आज भी इंसाफ, त्याग और मानवता की मिसाल मानी जाती है।
आयोजकों ने बताया कि इमाम हुसैन ने सत्ता के सामने झुकने के बजाय सत्य का मार्ग चुना और अपने परिवार व साथियों के साथ कर्बला के मैदान में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने तथा मानव मूल्यों की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।
प्रेस नोट के अनुसार, अशरये मजलिस के दौरान विभिन्न दिनों में बाहर से आने वाले मौलाना (वक्ताओं) द्वारा मजलिस को संबोधित किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से कर्बला की शिक्षाओं और इमाम हुसैन के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम के आयोजक सैय्यद जौन असगर जैदी ने सभी अकीदतमंदों और इंसानियत में विश्वास रखने वाले लोगों से अपील की है कि वे 5 अगस्त से 14 अगस्त तक आयोजित होने वाली मजलिस में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शहीद-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित करें।
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फतेहपुर में 48वां सालाना अशरये मजलिस का आयोजन 5 से 14 अगस्त तक, अकीदतमंदों से शामिल होने की अपील
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