फतेहपुर जिले से सांसद रही पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पिछले 24 घंटे से जिस तरीके से शुरू हो गई उसको लेकर एक और जहां राजनीतिक दलों में खलबली मची हुई है वही फतेहपुर जिले के एक दर्जन से अधिक नेताओं को गहरा सदमा लगा है और वह अब उनका फिर से विरोध करने के लिए अपने संपर्क वाले दिग्गज नेताओं की शरण में पहुंचने लगे हैं यह वही लोग हैं जिन लोगों ने लोकसभा के चुनाव में बाकायदा सांसद की उम्मीदवार रही निरंजन ज्योति को चुनावी मुहिम में हरवाने के लिए हर तरीके से मोर्चा खोल रखा था हालांकि उनके प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अभी महज चर्चा शुरू हुई है जबकि इसके अलावा अन्य दावेदार भी है जिन पर भी चर्चाएं चल रही है लेकिन फतेहपुर जिले में साध्वी के विरोधियों को उनके प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा की खबर मिलते ही मिर्ची लग गई है
क्या हो रहा है
यूपी भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी कुछ समय से खाली है — 2025 में पार्टी ने 70 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की थी, ताकि प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो सके।
अब कई नाम चर्चा में हैं — दावेदारों की सूचियाँ तैयार की जा चुकी हैं, जिसमें अलग-अलग सामाजिक समूहों (ब्राह्मण, OBC, दलित) का ध्यान रखा गया है।
कौन-कौन नाम हैं चर्चा में
दिनेश शर्मा पूर्व उप मुख्यमंत्री, ब्राह्मण समाज से।
BL Verma — केंद्रीय मंत्री, OBC (लोध) समाज से।
Dharampal Singh — OBC नेता।
Ram Shankar Katheria या Vidya Sagar Sonkar — दलित समुदाय से — दलित प्रतिनिधित्व की संभावनाओं के साथ। Sadhvi Niranjan Jyoti — पहली बार किसी महिला नेता के प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावना — उनकी हालिया मुलाकातों ने इन अटकलों को फिर हवा दी है।






