समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि भाजपा शासनकाल में राज्य के 72 जिलों में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 151 से अधिक प्रतिमाएं खंडित या क्षतिग्रस्त की गईं, लेकिन अब तक मात्र 14 लोगों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तोड़फोड़ जानबूझकर की गई क्योंकि BJP संविधान बदलना चाहती थी लेकिन ऐसा करने में नाकाम रही।
‘BJP राज में 151 आंबेडकर प्रतिमाएं खंडित’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं जानबूझकर अंजाम दी गईं क्योंकि भाजपा संविधान बदलना चाहती थी, लेकिन उसमें सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। भाजपा सरकार में 72 जिलों में 151 से अधिक अंबेडकर प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गईं।
‘दलित अस्मिता पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा समाज’
उन्होंने आगे कहा कि जब भी भाजपा और उसकी विचारधारा वाले लोग हमला करते हैं, तो सबसे पहले हाथ में थामे संविधान की प्रति को निशाना बनाया जाता है। अखिलेश यादव के अनुसार, यह घटनाक्रम दलित समाज के प्रतीकों के प्रति सरकार की कथित उदासीनता को दर्शाता है।
सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग
समाजवादी पार्टी नेताओं ने मांग की है कि सरकार इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों को सख्त सजा दिलाए। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
2027 में हर सीट पर भाजपा के 27,000 वोट काटेंगे: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने रविवार को राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा पर जमकर हमला बोला और आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि आज हमारी राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें हमने फैसला किया है कि 2027 के विधानसभा चुनावों में हम हर विधानसभा सीट पर 27,000 वोट बढ़ाने के लिए काम करेंगे। इसका मतलब है कि हम भाजपा के 27,000 वोट कम करेंगे।
प्रमुख क्षेत्रों में किसानों की दुर्दशा और कथित भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए अखिलेश ने राज्य सरकार पर कृषि को समर्थन देने में विफल रहने का आरोप लगाया और भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं को उठाया।







