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असोथर के बरगदी गांव में रास्ते का संकट, निरीक्षण में सामने आई जमीन की हकीकत

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असोथर (फतेहपुर)।

नगर पंचायत असोथर के वार्ड नंबर 7 स्थित विद्यातीपुर के बरगदी मोहल्ले से शव को पानी भरे गेहूं के खेतों से ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। सोमवार को नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी हरिंगेंद्र प्रताप सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष नीरज सिंह सेंगर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या की जमीनी हकीकत जानी। निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने रास्ता निर्माण की जटिलता को भी उजागर कर दिया।
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जहां बरगदी मोहल्ले की बस्ती बसी हुई है, वह भूमि राजस्व अभिलेखों में खलिहानी नंबर पर दर्ज है। वहीं जिस दिशा से रास्ता निकाले जाने की मांग की जा रही है, वह भूमि किसानों की भूमिधरी खेतों के रूप में दर्ज है। ऐसे में नगर पंचायत सीधे तौर पर उस जमीन पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकती। नियमों के तहत बिना भूमिधरी किसानों की सहमति के न तो रास्ता बनाया जा सकता है और न ही कोई निर्माण कार्य कराया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि आजादी से लेकर अब तक उन्हें पक्का रास्ता नहीं मिला है। बच्चों को स्कूल-कॉलेज, बीमारों को अस्पताल और मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए भी खेतों की मेड़ों और पानी भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं। वायरल वीडियो ने पूरे मामले को उजागर कर दिया, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर दबाव भी बढ़ा है।
अधिशासी अधिकारी हरिंगेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि नगर पंचायत समस्या से मुंह नहीं मोड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीण आपसी सहमति से और संबंधित भूमिधरी किसानों से वार्ता कर रास्ते के लिए कुछ भूमि निकलवा लेते हैं, तो नगर पंचायत की ओर से उस रास्ते पर पुराई, इंटरलॉकिंग, नाली और अन्य आवश्यक विकास कार्य कराए जाएंगे, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से आपसी संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए और किसानों से समन्वय स्थापित कराए, तो रास्ते की समस्या का हल निकल सकता है। फिलहाल, मामला जमीन की कानूनी स्थिति और आपसी सहमति पर अटका हुआ है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद पहली बार प्रशासनिक स्तर पर मौके पर पहुंचकर गंभीरता से जांच की गई, जिससे ग्रामीणों को समाधान की उम्मीद जगी है।

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