फतेहपुर जिले के सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। खागा कोतवाली क्षेत्र के लाखीपुर गांव से आए एक गरीब पिता शाहरुख के नवजात बेटे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद डॉक्टरों ने समय रहते न जांच की, न ऑक्सीजन लगाया और न ही कोई प्राथमिक इलाज दिया। इस मर्मांतक घटना का वीडियो किसी मौजूद शख्स ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जो अब तेजी से इंटरनेट पर फैल रहा है। वीडियो में पिता ज़मीन पर बैठा, अपने मृत बेटे को गोद में लिए हुए फूट-फूट कर रोते हुए नजर आ रहा है और बार-बार कह रहा है—
“मैं मर जाता लेकिन मेरे बच्चे को किसी ने हाथ नहीं लगाया…”
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में आने के बावजूद डॉक्टरों ने बच्चे को छूने तक से इनकार कर दिया और अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने बेहद बेरुखी से व्यवहार किया। ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं दिया गया, जबकि बच्चे की हालत नाजुक थी। मामले में सीएमएस पीके सिंह का कहना है कि जब बच्चा अस्पताल में भर्ती होने के लिए आया था उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी फिर भी जांच पड़ताल करवाई जा रही है।






